
बिलासपुर जिले में बड़े कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी है। विभागीय टीमों ने विनोद जैन, प्रशांत जैन और प्रवीण झा से जुड़े कोल कारोबार और कॉर्पोरेट दफ्तरों में दबिश दी है। जांच का दायरा अब अन्य जिलों तक भी बढ़ा दिया गया है।स्टेट जीएसटी विभाग की 10 से अधिक टीमों ने बिलासपुर जिले के प्रमुख कोयला कारोबारियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

कार्रवाई के दूसरे दिन भी दस्तावेजों की गहन जांच जारी रही। जीएसटी टीम महावीर कोल वॉशरी, पारस पावर ग्रुप और फील ग्रुप के दफ्तरों में कोयले के स्टॉक, बिलिंग सिस्टम, टैक्स भुगतान और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।सूत्रों के मुताबिक कोयला कारोबार में टैक्स और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है।

बताया जा रहा है कि विनोद जैन का परिवार राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चित रहा है, हालांकि जीएसटी विभाग की जांच पूरी तरह व्यावसायिक लेन-देन और टैक्स रिकॉर्ड तक ही सीमित है।जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि रायगढ़, बलौदा बाजार समेत अन्य जिलों में भी जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। इस छापेमारी से कोयला कारोबार से जुड़े अन्य व्यापारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।




