
जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर गंभीर मंथन हुआ। दुर्घटना रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर निर्माण, दिशा संकेतक बोर्ड लगाने, शोल्डर निर्माण, जागरूकता अभियान चलाने और चिन्हित ब्लैक व ग्रे स्पॉट पर सुधार जैसे निर्णय लिए गए।कलेक्टर ने सीपत मार्ग की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जहां शोल्डर नहीं हैं, वहां जरूरत पड़ने पर डीएमएफ मद से राशि दी जाएगी।

पेण्ड्रीडीह बायपास पर शहर की दिशा में स्पष्ट संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनएच पर स्पीड लिमिट के बोर्ड नहीं होने की शिकायत पर अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इसे जल्द से जल्द लगाया जाए। तखतपुर की मनियारी पुलिया की मरम्मत और रतनपुर-कोटा मार्ग के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी बैठक में हुई।बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में फिलहाल 6 ब्लैक स्पॉट और 3 ग्रे स्पॉट हैं, जिन्हें सुधारने निर्देश दिए गए हैं। इनमें सेन्द्री चौक कोनी, जाली मोड़ रतनपुर, मस्तुरी हाईवे तिराहा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में सड़क दुर्घटनाएं करीब 50% घटी हैं, लेकिन इसे और कम करने का प्रयास जारी रहेगा।उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अब तक लापरवाह वाहन चलाने के चलते 215 लोगों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। स्कूली शिक्षा में यातायात जागरूकता को शामिल करने का सुझाव भी सामने आया। बारिश में मवेशियों की वजह से हो रही दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई गई और निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में पशु मालिकों पर एफआईआर दर्ज की जाए।




