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बिलासपुर में सुनियोजित उठाई गिरी के मामले में पुलिस ने कुछ ही घंटे में आरोपियों को किया गिरफ्तार, उड़ीसा से मजदूर बनकर आए लुटेरों ने इस घटना को दिया था अंजाम।

बिलासपुर के सरकंडा अशोक नगर में मां भवानी ज्वेलर्स बलौदा वाले के संचालक जवाहर प्रसाद सोनी के उठाई गिरी के शिकार होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई। पुलिस ने देखा कि ज्वेलर्स का ध्यान भटकाने के लिए किसी ने उनके दुकान के ताले के पास गंदगी की थी, जिसे साफ करने के दौरान उन्होंने अपना आभूषणों से भरा बैग मोटरसाइकिल में रख दिया था, जिसे लुटेरे लेकर भाग गए थे। पुलिस को इससे महत्वपूर्ण सुराग मिला तो वही पुलिस की टीम ने शहर में लगे 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिससे उठाई गिरो का हुलिया और उनके वाहन के बारे में काफी कुछ जानकारी मिल गई।

यही जानकारी पुलिस को सिरगिट्टी इलाके में ले गई, जहां घटना को अंजाम देने के बाद उठाई गिर छुपे हुए थे। पता चला कि करीब एक सप्ताह पहले उड़ीसा से चार लोग बिलासपुर आए थे, जहां खुद को मजदूर बताते उन्होंने आवास पारा सिरगिट्टी में 2500 रु में एक मकान किराये पर लिया था और दिनभर घूम-घूम कर रेकी किया करते थे। इसी दौरान उनकी नजर अशोकनगर सरकंडा के मां भवानी ज्वेलर्स पर पड़ी और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से ज्वेलर्स को अपना निशाना बनाया। पुलिस ने इस मामले में दो समनिय जाजपुर उड़ीसा निवासी दीपक प्रधान, अर्जुन प्रधान, गंजाम निवासी आर्यन उर्फ महेश प्रधान और जोग पुरा निवासी भोला प्रधान को गिरफ्तार किया है। खास बात है कि उनके पास से सोने-चांदी की शत प्रतिशत रिकवरी कर ली गई है।

इन लोगों ने जिन दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर घटना को अंजाम दिया था, पुलिस ने उन्हें भी जप्त कर लिया है। पता चला कि आरोपियों के खिलाफ जाजपुर और गंजाम में भी लूट और चोरी के कई मामले दर्ज है। इस कामयाबी पर एसपी ने पुलिस और साइबर सेल की सराहना करते हुए इनाम की भी घोषणा की है।

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