
चार वर्षों से अटका बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट विस्तार अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। बिलासपुर के चकरभाठा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सेना के कब्जे वाली करीब 290 एकड़ जमीन को लेकर चली आ रही लंबी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के खाते में 50 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि जमा किए जाने के बाद विस्तार का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और आधारभूत संरचना विकास का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत बड़े विमानों की लैंडिंग को ध्यान में रखते हुए रनवे की लंबाई बढ़ाई जाएगी और बी-श्रेणी के टर्मिनल भवन सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने इस प्रगति को शहर के लिए ऐतिहासिक करार दिया है। उनका कहना है कि वर्षों से चली आ रही जनभावना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है और एयरपोर्ट विस्तार से बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।विधायक अमर अग्रवाल के अनुसार, रनवे विस्तार के बाद बोइंग जैसे बड़े विमान बिलासपुर में उतर सकेंगे। इससे हवाई यातायात बढ़ेगा और व्यापार, उद्योग, निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।बिलासपुर की जनता लंबे समय से एयर कनेक्टिविटी की मांग कर रही थी। उड़ान योजना के तहत यहां उड़ानें शुरू हुईं, अब रनवे विस्तार से बड़े विमानों की नियमित सेवाएं संभव होंगी। बिलासा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा की प्री-कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। डीजीसीए से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद फरवरी–मार्च तक रात्रिकालीन उड़ानों की शुरुआत होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलेगी।रक्षा मंत्रालय, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से एयरपोर्ट विस्तार की सबसे बड़ी बाधा दूर हो चुकी है। आने वाले समय में बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट का विस्तारित स्वरूप बिलासपुर को रीजनल एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।




