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बिल्डिंग मटेरियल सामग्रियों की कीमतें बढ़ी ,मकान बनाना हुआ मुश्किल, कीमतों पर नहीं लग पा रहा अंकुश, सरकार के दावे फेल

खदान संचालकों की मनमानी से गिट्टी के दाम मे अचानक उछाल आ ग़या है, जिससे हाईवा मे गिट्टी की कीमत 18 हजार रुपये हो गई हैं. जबकि ट्रैक्टर ट्राली मे 5 सौ की बढ़ोत्तरी हुई है।बिलासपुर के मस्तूरी से अकलतरा तक फैले क्रेशर खदानों से इसकी आपूर्ति की जाती है। बढ़े हुए दाम का असर निर्माण कार्यों पर पड़ा है जिससे शहर के सप्लायर मंदी की मार झेल रहे है। निर्माण मे अकलतरा की गिट्टी की मांग सबसे ज्यादा है बताया जाता है इस सिंडिकेट मे बिलासपुर के संचालक भी शामिल हो गए है जिससे स्थानीय आपूर्ति भी महंगी हो गई है।

पांच दिनो मे मांग घटकर आधे से भी कम हो गई है। इससे ट्रेडिंग करने वाले दुकानदार परेशान है।इससे मकान दुकान निर्माण मे उपयोग होने वाला दूसरा मटेरियल भी महंगा होने की आशंका से दुकानदार चिंतित है। अगर ऐसा होता है तो उपभोक्ता निर्माण योजना टाल सकते है और डिमांड काफी घट जाएगी। दीपावली के बाद से बाजार मंदी से उबर नहीं सका है उस पर गिट्टी के दाम 12 रुपए फीट तक बढ़ाने से पूरे चेन पर असर दिखने लगा है। जानकारी लगी है कि ट्रेडर्स और क्रेशर संचालकों के बीच होने वाली बैठक मे दरों को नियंत्रित करने पर बात बन सकती है। फिलहाल सरिया सीमेंट और रेत की कीमते स्थिरहै।

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