Site icon Grand Gumber News

बुजुर्ग की शिकायत पर कांग्रेस नेता पर FIR दर्ज गिरफ्तारी के बाद खानापूर्ति कर पुलिस ने छोड़ा

सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के मामले ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुजुर्ग की शिकायत पर कांग्रेस नेता अभय बरुआ के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन महज औपचारिकता निभाते हुए आरोपी को थाने से ही छोड़ दिया गया। पीड़ित बुजुर्ग ने अपनी जमीन खाली नहीं करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप अभय बरुआ पर लगाया था। मामले की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया, मगर मात्र खानापूर्ति करते हुए उसे सोमवार को थाने से ही रिहा कर दिया गया। इससे पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।सूत्रों के अनुसार, आरोपी अभय बरुआ नगर निगम से जुड़ा एक अधिकारी का बेटा भी है और उसकी पत्नी तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। इस वजह से पुलिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बजाय उसे राहत दी गई।जमीन विवाद खमतराई क्षेत्र की बहुमूल्य जमीनों को लेकर है, जिनमें खसरा नंबर 51/1, 52/1 और 53/1 शामिल हैं। करोड़ों की कीमत की इन जमीनों पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। बुजुर्ग का दावा है कि उनका वैध कब्जा है, इसके बावजूद दबाव डालकर जमीन खाली कराने की कोशिश हो रही थी।पुलिस की इस कार्रवाई ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से हो रहा है या फिर रसूखदारों के लिए अलग नियम बनाए जाते हैं। आम जनता का आरोप है कि अगर शिकायत किसी सामान्य व्यक्ति के खिलाफ होती तो कार्रवाई अलग तरीके से होती। फिलहाल पुलिस ने मामला जांच में होने की बात कहकर स्थिति को संभालने की कोशिश की है, लेकिन आरोपी को बिना उचित न्यायिक प्रक्रिया के छोड़ देने से प्रशासन की निष्पक्षता पर गहरा संदेह पैदा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Exit mobile version