
बिलासपुर भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति में आ रही समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आरोप लगाया है कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है, जिससे फसलों की बोआई और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। संगठन के प्रदेश स्तर पर लिए गए निर्णय के तहत 18 जून से किसानों के हित में खाद की आपूर्ति की समीक्षा की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान कई समितियों में यह पाया गया कि प्रति बोरा ₹266 के स्थान पर ₹800 और ₹1350 तक कीमत वसूली जा रही है। वहीं, किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद न मिलने से वे निजी व्यापारियों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। किसान संघ ने कहा कि इस स्थिति के चलते कृषि कार्यों में देरी हो रही है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। सहकारी समितियों का उद्देश्य किसानों को उचित दर पर समय से खाद उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान में अनियमितताओं के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। वही इस विषय में जानकारी देते हुए कृषि विभाग के उपसंचालक पीडी हाथेश्वर ने बताया कि सहकारी समितियां में खाद के लिए किसानों को नैनो डीएपी के प्रयोग और लाभ और सावधानियां की जानकारी दी जा रही है

कई किसान इससे वंचित है यूरिया के भंडारण में कहीं-कहीं पर कमी पाई गई है लेकिन भंडारण प्रक्रिया जारी है उपसंचालक ने यह भी बताया कि यदि निजी समितियां द्वारा ज्यादा मूल्य पर खाद यूरिया बेचने की शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। संगठन ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही, सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद मिल सके। किसानो का कहना है की सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारी और प्रबंधक किसानों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरत रहे हैं। कई समितियों में समय पर स्टॉक अपडेट नहीं होने और वितरण में पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें सामने आई हैं। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी की यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया गया तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।




