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भिलाई स्थित मैत्री बाग से 20 सांभर सीधे अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ने की तैयारी जारी, मुख्य उद्देश्य बाघों को संख्या में बढ़ोत्तरी कराना

भिलाई स्थित मैत्री बाग से 20 सांभर सीधे अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। इन्हें टाइगर रिजर्व में छोड़ने का मुख्य उद्देश्य टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाना है। वही कानन प्रबंधन ने मैत्री बाग जू प्रबंधन को क्रोकोडायल एवं बार्किंग डियर के बदले सांभर मांगें है।

एक जू से दूसरे के बीच वन्य प्राणियों की अदला- बदली होती है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से इसकी अनुमति है। इसी के तहत मैत्री बाग जू प्रबंधन ने एक जोड़ा क्रोकोडायल और दो जोड़े में बार्किंग डियर का प्रस्ताव कानन प्रबंधन को भेजा। कानन के पास दोनों वन्य प्राणी सरप्लस है। इसलिए उन्होंने हामी भर दी। लेकिन, बदले में उन्होंने 20 सांभर मांगें। मैत्री बाग जू प्रबंधन ने भी इसे देने को तैयार है। अब आगे के प्राधिकरण से सहमति मांगी जाएगी। यह पहली बार है, जब जू प्रबंधन किसी जू से वन्य प्राणी लाएंगे लेकिन, उन्हें कानन में नहीं रखा जाएगा। उन्हें अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ देंगे। इससे बाघों की संख्या बढ़ेगी।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रबंधन भरसक प्रयास कर रहा है। ग्रास डेवलमेंट, कार्यशाला, कर्मचारियों को प्रशिक्षण ऐसे कई प्रयास है, जो आने वाले दिनों बेहद कारगर साबित होंगे। अब आहार के जरिए बाघों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सांभर बाघों का पसंदीदा आहार है। मैत्री बाग जू से लेकर सांभर को अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ने की योजना है। प्रबंधन ने यह निर्णय तो ले लिया है। लेकिन, इसके लिए उन्हें अलग से अनुमति लेनी होगी। प्राधिकरण को बताना होगा। उन्हें कारण भी स्पष्ट करना होगा। इसके बाद ही उन्हें अनुमति मिलने की उम्मीद है। जब स्वीकृति मिल जाएगी, उसके बाद यह तय होगा कि वन्य प्राणी को लेने के लिए कानन प्रबंधन जाएगा या वह लेकर यहां आएंगे और कानन से वन्य प्राणी लेकर जाएंगे।

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