मधुगुंजन की गूंज से गूंजायमान हुआ रायगढ़
बाल एवं युवा कलाकारों के महाकुंभ राष्ट्रीय नृत्य गायन कला प्रतियोगिता एवं उत्सव 2024 की द्वितीय दिवस पर विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों की 80 प्रस्तुतियां हुई जिसमें 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें भोपाल, हैदराबाद, जम्मू- कश्मीर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रायपुर ,दुर्ग, सहित, बिहार एवं उत्तर प्रदेश के प्रतिभागी शामिल थे उत्सव कलाकार के रूप में सुश्री आसना दिल्लीवार रायपुर सुश्री काजल कौशिक कत्थक, बिलासपुर, श्री अजय मिंज, भरतनाट्यम भाटापारा ,पूनम कुमारी कथक, बिहार पटना कुमकुम वासनिक कथक बस्तर, हर्षा नायक रायपुर कथक की नैनाभिराम प्रस्तुति हुई मधुगुंजन रायगढ़ जिले का अनूठा कार्यक्रम बाल एवं युवा वर्ग एवं सभी प्रतिभाशाली कलाकार कला प्रेमियों हेतु एक खुला मंच साबित हो रहा है जिसमें एक से बढ़कर एक कलाकार अपनी कला का परिचय दे रहे हैं कला की नगरी रायगढ़ कला के संरक्षण हेतु विश्व में विख्यात है ,इस संरक्षण पद्धति की अनुयाई संस्थाओं द्वारा इस प्रकार का अनूठा कार्यक्रम अपनी भव्यता से परिपूर्ण दिखाई दे रहा है, उक्त कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर अतिथि के रूप में , संगीतज्ञ ठाकुर वेद मणि सिंह जी, रायगढ़ घराने के प्रतिनिधि कला गुरु पंडित सुनील वैष्णव ,प्रोफेसर अंबिका वर्मा साहित्य एवं कलाविद ,श्री मनोज श्रीवास्तव जी कलाविद , निर्णायक द्व्य डॉ. चंदन सिंह सुश्री खुशी जैन आयोजन के अध्यक्ष श्री अजीत कुमार स्वाईन एवं श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय के संचालक श्री शरद वैष्णव के आतिथ्य में उपस्थित कलाकारों का सम्मान समारोह एवं द्वितीय दिवस का समापन हुआ ,श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय रायगढ़ एवं मधु गुंजन संगीत समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित यह राष्ट्रीय समारोह रायगढ़ कला प्रेमियों हेतु आकर्षण का केंद्र बना हुआ है






