शहर में दुर्गोत्सव की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है। शहर के मध्य नगरी चौक में हर वर्ष माता रानी के अलग-अलग पंडाल के स्वरूप देखने को मिलते हैं। मध्य नगरी का पंडाल काफी पुराना पंडाल माना जाता है। इस वर्ष मध्य नगरी चौक में बांस की छाल से बने महल में माता रानी विराजमान रहेगी। समिति के सदस्यों ने बताया कि लगभग 1000 छाल से महल बनाया जा रहा है। महल बनाने के लिए छाल विशेष कोलकाता से मंगवाया गया है। 18 कलाकार पांडाल तैयार करने में लगे हैं। पंडाल में विराजमान माता रानी की प्रतिमा बनाने के लिए भी विशेष मूर्तिकार कोलकाता से बुलवाये गये है।

मध्य नगरी दुर्गा उत्सव समिति पिछले 48 वर्ष से इसी प्रकार धूमधाम से और अलग-अलग पंडाल के थीम में माता रानी को विराजमान करते हैं। पंडाल का काम लगभग पूरा हो चुका है। पंडाल को पूर्णतया बांस से डिजाइन कर सजाया जा रहा है। बांस की झालर पंडाल में देखने को मिल रही है।

इसके साथ ही गाजे बाजे के साथ माता रानी को लाया गया है। षष्ठी के दिन माता रानी को विराजमान कराया जाएगा। इसके साथ ही सप्तमी से बांस की छाल पंडाल का मनमोहक दृश्य देखने श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जाएगी।




