
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में किए गए बदलाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस का कहना है कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 120 दिनों की मजदूरी सुनिश्चित की जाती थी और इसका पूरा भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था।अब भाजपा नीत केंद्र सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर “जी राम जी योजना” कर दिया है। साथ ही इसमें खर्च की हिस्सेदारी भी बदल दी गई है, जिसके तहत अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को वहन करनी होगी।

कांग्रेस का आरोप है कि यह बदलाव राज्यों पर आर्थिक बोझ डालने के साथ-साथ ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पहले से महापुरुषों के नाम पर चल रही योजनाओं का नाम बदलने की कोई आवश्यकता नहीं थी। साथ ही उन्हें आशंका है कि इस बदलाव के बाद 120 दिनों की मजदूरी की गारंटी भी धीरे-धीरे समाप्त की जा सकती है।इन्हीं मांगों और आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को बिलासपुर में जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में नेहरू चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक यह नई योजना वापस नहीं ली जाती, तब तक कांग्रेस जनता के बीच जाकर इसके नुकसान बताएगी और सरकार को फैसला वापस लेने के लिए मजबूर करेगी।




