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महर्षि यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं पर एनएसयूआई का बड़ा कदम, निरीक्षण समिति को सौंपा 10 पन्नों का ज्ञापन। छात्रहित से खिलवाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

महर्षि विश्वविद्यालय में वर्षों से चली आ रही शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एनएसयूआई का संघर्ष जारी है। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की निरीक्षण समिति के विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने के दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विस्तृत ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन समिति के अध्यक्ष डॉ. एम.एस.के. खोखर, सदस्य प्रो. संतोष कुमार गुप्ता एवं सदस्य डॉ. बी.एल. गोयल को दिया गया, जिसमें विश्वविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

एनएसयूआई ने डीएलएड पाठ्यक्रम के संचालन में नियमों की अनदेखी, एक ही व्यक्ति द्वारा दो संस्थाओं के छात्रों की अंकसूची पर हस्ताक्षर, बिना विधिवत शुल्क निर्धारण के पाठ्यक्रम संचालन, कुलसचिव नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी, फर्जी प्राध्यापकों की सूची, पीएचडी में अनियमितता, नकल प्रकरण, छात्रवृत्ति पर रोक और वित्तीय गड़बड़ियों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

संगठन ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2005 की धारा 41(1) के तहत कार्रवाई की मांग भी की।निरीक्षण समिति ने सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया।

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