
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का पार्थिव शरीर जब पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्मशान घाट पहुँचा, तो वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं। चंदन की लकड़ियों से सजी चिता पर जैसे ही विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुखाग्नि दी गई, पूरा वातावरण शोक की लहर में डूब गया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि जननेता की अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

इस दौरान भारी संख्या में जुटे समर्थकों और जनता ने अपने प्रिय नेता को अश्रुपूरित विदाई दी।इस गमगीन माहौल में छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नीलेश बिश्वाश विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने अंतिम यात्रा में सहभागी होकर दिवंगत नेता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। जैसे ही नीलेश बिश्वाश ने स्वर्गीय अजीत पवार की चिता और उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए, उनकी भावुकता स्पष्ट झलक रही थी।

उन्होंने इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नीलेश बिश्वाश ने उन्हें याद करते हुए कहा कि अजीत पवार का जाना न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि एक कुशल प्रशासक और जननेता के रूप में उनका मार्गदर्शन हमेशा याद रखा जाएगा।

बिश्वाश ने उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए एक युग का अंत बताया।अंतिम संस्कार के इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने दिवंगत नेता के योगदान को याद किया। नीलेश बिश्वाश की उपस्थिति यह दर्शाती है कि दिवंगत नेता का प्रभाव क्षेत्रीय सीमाओं से परे था। पूरा क्षेत्र आज अपने नेता के जाने से स्तब्ध है और समर्थकों का कहना है कि उनकी कमी को कभी भरा नहीं जा सकेगा।




