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Tuesday, March 3, 2026
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मितानिनों ने मानदेय वृद्धि को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन सरकार से की वर्षों पुरानी मांग पूरी करने की अपील

बिलासपुर जिले की करीब 1000 मितानिन बहनों ने गुरुवार को अपनी वर्षों पुरानी मांग मानदेय वृद्धि को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 75 हजार मितानिन कार्यरत हैं, जो स्वास्थ्य जागरूकता, सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मितानिनों का कहना है कि वे लंबे समय से कम मानदेय में काम कर रही हैं और वर्तमान महंगाई के दौर में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि कई बार सरकार से मानदेय बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। मितानिनों ने अपनी 16 मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से अनुरोध किया है। मितानिनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

जिसमे उन्होंने मांग की है कि

1. हमें प्रतिमाह 2200/- से बढ़ाकर न्यूनतम ₹10000 फिक्स दिया जाए।

2. दावापत्र प्रोत्साहन राशि को 4 गुना किया जाए।

3. प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय प्रतिमाह 5 तारीख के भीतर जमा किया जाए।

4. मितानिनों की पूर्व की बकाया प्रोत्साहन राशि जल्द भुगतान किये जाए।

5. रविवार को आपात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा को छोड़कर बाकी कोई भी कार्यक्रम मीटिंग प्रशिक्षण आदि (किसी भी स्तर पर) को नहीं रखने का आदेश दिया जाए।

6. विश्व महामारी के विरुदध संघर्ष के कोरोना वारियर आशा (मितानिन) को प्रति माह एक हजार रुपए (1000 रुपए) अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी भुगतान नहीं किया उसे जल्द भुगतान किया जाए।

7. माननीय प्रधानमंत्री जी दवारा नवम्बर 2018 में डिजिटल इण्डिया के संबोधन में आशा (मितानिन) दावा प्रपत्र प्रोत्साहन राशि को दोगुना देने की घोषणा की गई थी, उसे लागू करें और उसे दिनांक से अभी तक का पूरा बकाया भुगतान करने की कृपा करें।

8. उक्त भाषण में माननीय प्रधानमंत्री जी ने आशा (मितानिन) की दुखद आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके परिजनों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2+2 = 4 लाख रुपये घोषणा की गई थी, उस दिनांक के बाद से जिन मितानिनों की दुखद मृत्यु हुई है उन्हें तत्काल यह राशि भुगतान करने की कृपा करें।

9. स्वास्थ्य सेवा मुहैया समय मृत्यु होने पर परिवार को 10 लाख रुपए एवं एक सदस्य को शासकीय नियुक्ति दिया जाए। मितानिन (आशा) व पति के आकस्मिक मृत्यु उपरान्त राशि 20000 रुपए से वृ‌द्धि कर 5 लाख किया जाए।

10. दसवा चरण प्रशिक्षित मितानिनों को ए. एन. एम. जी. ए. एन. एम की ट्रेनिंग दसवी अंकसूची के मेरिट के आधार पर वर्षों पहले सरकार द्वारा प्रशिक्षण हेतु शतप्रतिशत आर्थिक सहयोग दिया गया था। वर्तमान में 28वां चरण प्रशिक्षण मितानिन (आशा) ले चुके हैं। अतः 20 वां चरण प्रशिक्षित मितानिनों को ए.एन.एम, जी.ए. एन एम कि ट्रेनिंग दिया जाए एवं ए. एन. एम. जी.ए.एन.एम कि ट्रेनिंग प्राप्त पात्रों कि जल्द नियुक्ति दी जाए।

11. मितानिन (आशा) कर्मियों को शासकीय स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा के साथ प्रतिमाह 26000/-वेतन, टीए डीए, ग्रेच्यूटी आदि दिये जाए। मितानिन (आशा) को पेंशन योजना लागू की जाए।

12. फोटो कॉपी, स्टेशनरी आदि खर्च हेतु एक हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाए।

13. प्रति वर्ष दो सेट युनिफार्म व चार हजार रूपये दिया जाए।

14. प्रत्येक संकुल महा संकुल में मितानिन भवन निर्माण किया जाए।

15. मितानिन (आशा) कर्मियों के लिए राज्य चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मितानिन (आशा) विश्राम गृह निर्माण किया जाए।

16. राज्य के सभी चिकित्सालयों व स्वास्थ्य केन्द्रों में मितानिन विश्राम गृह निर्माण किया जाए।

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