
बिलासपुर की मिनी बस्ती, जो नशे और अपराध का अड्डा बन चुकी है, वहां सिविल लाइन पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आदतन अपराधियों को धर दबोचा है। ये सभी युवक वारदात की फिराक में थे और उनके पास से धारदार हथियार, नशीली दवाएं और अवैध शराब बरामद हुई है। गिरफ्त में आए ये 10 युवक कोई आम आरोपी नहीं, बल्कि पुराने अपराधी हैं जो पहले भी कई मामलों में लिप्त रहे हैं। सिविल लाइन पुलिस ने मिनी बस्ती में रात गश्त के दौरान इन्हें अलग-अलग स्थानों से घेराबंदी कर पकड़ा। इन पर पुलिस की नजर पहले से थी और मुखबिरों से मिली पुख्ता जानकारी के बाद यह कार्रवाई की गई।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों का जुलूस थाने से निकाल कर इलाके को सख्त संदेश दिया। पुलिस के मुताबिक एक आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट, तीन के खिलाफ आर्म्स एक्ट और बाकी छह पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इनके पास से तलवार, चाकू, नशीली दवाएं और शराब जब्त की गई है।सीएसपी ने बताया कि इन सभी युवकों की आपराधिक पृष्ठभूमि है। हम लगातार मिनी बस्ती में निगरानी बढ़ा रहे हैं और सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाती है। जनता का सहयोग भी जरूरी है।पुलिस का कहना है कि मिनी बस्ती को अपराध मुक्त करने का अभियान जारी है।

यहां लगातार गश्त की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष मुखबिर तैनात किए गए हैं। नशे का कारोबार और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बिलासपुर पुलिस का यह अभियान न सिर्फ नशे और अपराध के खिलाफ है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब ऐसे अपराधियों के लिए शहर में कोई जगह नहीं है। लेकिन सवाल ये भी है कि जब ये युवक पहले से चिन्हित हैं, तो उन्हें खुला क्यों छोड़ा गया था।पुलिस की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है लेकिन अब ज़रूरत है सतत निगरानी और कड़ी कानूनी प्रक्रिया की, ताकि मिनी बस्ती को सच में सुरक्षित बनाया जा सके।




