
छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने एवं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा शीघ प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही बिलासपुर में कैसर अस्पताल हेतु टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना-खमतराई-बहतराई मार्ग निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना की डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना हेतु 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों हेतु 252 करोड़ रुपये तथा शहर की जलभराव समस्या के समाधान के लिए आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी। इस मौके पर बिलासपुर नगर निगम के पांचो विधानसभा के विधायक मौजूद थे जिनकी उपस्थिति में बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर-दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के निर्णय लिए गए हे। इस मौके पर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि लगभग 10 से 12000 करोड़ की परियोजना को लेकर आगामी 20 सालों की रूपरेखा तैयार की गई है जिस पर धीरे-धीरे स्वीकृति मिलने के साथ ही बिलासपुर को किस तरह से नया स्वरूप दिया जाना है इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है आने वाले 20 सालों में बिलासपुर समस्त सुविधाओ से परिपूर्ण नजर आएगा।




