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मेले के नाम पर स्टॉल और व्यापारियों को स्टॉल देने के एवज में मोटी रकम… थोड़ा बहुत उद्घाटन करने वाले की जेब में और बाकी आयोजनकर्ता की जेब में….

मेला में इन दिनों बिलासपुर में व्यापार मेले का एक ट्रेंड बन गया है… मेले के नाम पर स्टॉल और व्यापारियों को स्टॉल देने के एवज में मोटी रकम… थोड़ा बहुत उद्घाटन करने वाले की जेब में और बाकी आयोजनकर्ता की जेब में…. न तो वाणिज्य विभाग को कोई चिंता है न इनकम टैक्स को… सब मिली जुली सरकार की तरह लूट के मेले को खुली आंखों से देख रहे है….. वैसे मेले से कोई गुरेज नहीं है…. किसी समय में मेले के जरिए व्यापार जगत की हलचल के साथ लोगो को सस्ते दामों में अपनी उपयोगिता की चीजे मिल जाती थी… लेकिन अब व्यापार मेले के मायने बदलते जा रहे है .।दरअसल बीएनआई (BNI) के द्वारा साइंस मैदान में 7 दिन के व्यापार मेले का आयोजन किया गया है… आंकड़ों की जुबानी समझिए व्यापार मेले के लोचे को… मैदान का किराया प्रतिदिन का 10 हजार रुपए…. यानी 7 दिन का किराया मात्र 70 हजार रुपए…. मेले में कुल 300 स्टॉल तैयार किए गए है…हरेक स्टॉल से 21 हजार रुपए वसूले जा रहे है…. उस लिहाज से 63 लाख रुपए स्टॉल लगाने वालो से लिए जा रहे हैं…. इसके अलावा मेले के आसपास ठेले वाले, दरी पट्टी बिछाकर अपना व्यापार करने वालो से 1 से 2 हजार से लेकर 5 हजार तक वसूले जाना है…. यानी करीब 70 लाख का जुगाड मेले से किया जाएगा..इसमें मैदान का किराया बिजली वालो से सेटिंग, जीएस्टी , सहित अन्य टैक्स वालो से सेटिंग के साथ ही जो महोदय मेले का उद्घाटन करने आयेंगे उन्हे भी कुछ चढ़ावा दिया जायेगा…. उसके बाद आयोजनकर्ता के द्वारा लाखो पर हाथ साफ किया जाएगा… बीते कुछ सालों से व्यापार मेले के नाम पर खुलेआम ठगी का आयोजित प्रायोजित मेला आयोजनकर्ता की जेब में अच्छी खासी रकम पहुंचाने का धंधा बन गया है…. बहरहाल इस गोरखधंधे पर कौन मेहरबान होकर मेले के नाम पर हो रही ठगी को रोकेगा इस पर सभी की निगाहें टिकी है….

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