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मोहर्रम पर बिलासपुर में मन्नतों की सवारी और मुस्तैद व्यवस्था का संगम एसएसपी ने खुद संभाली ज़िम्मेदारी, खादिमों से संवाद कर जाना हर ज़रूरत

बिलासपुर में मोहर्रम के पावन मौके पर ग़म, श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। मुरादों और मान्यताओं से जुड़ी सवारियां शहर के विभिन्न इलाकों से निकल रही हैं, जिनमें अकीदतमंद बड़ी संख्या में शरीक हो रहे हैं।बंग्ला यार्ड रेलवे क्षेत्र स्थित फकीर ए कमली हुसैनी इमामबाड़े से भी यह विशेष सवारी वर्षों की परंपरा अनुसार इस बार भी निकलेगी।जिसका नेतृत्व मुजावर चांद मोहम्मद ने किया।यह सवारी लोगों की मन्नतों और करबला के प्रति अकीदत का प्रतीक मानी जाती है।मोहर्रम के छठवें दिन बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्वयं व्यवस्था की ज़िम्मेदारी संभालते हुए शहरभर के प्रमुख इमामबाड़ों एवं आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया।

उनके साथ एएसपी राजेन्द्र जायसवाल, सीएसपी निमितेश सिंह परिहार और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की टीम बंग्ला यार्ड स्थित इमामबाड़े पहुंची, जहां उन्होंने तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की और मौके की हर स्थिति को परखा।निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने मुजावर चांद मोहम्मद के साथ खादिमो में वरिष्ठ खादिम मन्ना मामा, सुब्बा राव, भरत कश्यप, शेरू, दिनेश,साईं, शहज़ादा, पृथ्वी, अमन,पीयूष,आफताब सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर सवारी मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर चर्चा की।

एसएसपी ने आयोजकों से शांतिपूर्ण आयोजन की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है।खादिमों ने भी एसएसपी और पुलिस अधिकारियों का स्वागत कर प्रशासनिक तैयारियों की सराहना की।निरीक्षण के बाद एसएसपी ने तारबाहर सहित अन्य संवेदनशील इमामबाड़ों और क्षेत्रों का दौरा कर आवश्यक निर्देश जारी किए। शहरभर में सुरक्षा के कड़े और व्यवस्थित इंतज़ाम किए गए हैं ताकि मोहर्रम का पर्व पूर्ण मर्यादा और सौहार्द के साथ संपन्न हो। समुदाय के उत्साह और प्रशासन की तत्परता ने आयोजन को गरिमा और विश्वास का रूप दे दिया है।

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