
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। जहां नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब नजरें टिकी हैं उन आवारा मवेशियों पर, जो रात के अंधेरे में हादसों की वजह बनते है। यातायात नियमों का उल्लंघन अब लोगों को भारी पड़ रहा है। शहर में लगातार चेकिंग अभियान चलाकर ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना व कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस मुहिम का मकसद सड़कों पर सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करना है।इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को आम जनता के लिए सहज और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम जारी है। ट्रैफिक से जुड़ी हर प्रक्रिया को सरल करने के साथ लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।गर्मी के बाद अब बरसात का मौसम करीब है और ऐसे में नेशनल हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी एक बड़ी चुनौती बन रही है।

अंधेरे में ये आवारा जानवर दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है।इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने अपनी टीमों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि मुख्य सड़कों पर मवेशी न जुटें। जिन इलाकों में मवेशी बार-बार दिखाई दे रहे हैं, वहां विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।नगर निगम से समन्वय स्थापित कर ट्रैफिक पुलिस ने मवेशियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाने की मांग की है। शहर के बड़े चौराहों और हाईवे से इन जानवरों को हटाने का प्रयास तेज़ी से किया जा रहा है।

साफ है कि अब ट्रैफिक पुलिस केवल यातायात नहीं संभाल रही, बल्कि नगर निगम के कार्यों को भी अपने हाथ में लेकर शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में जुट गई है।अब सिर्फ हेलमेट न पहनने या ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर नहीं, बल्कि आवारा मवेशियों पर भी ट्रैफिक पुलिस की नजर है। नियम पालन के साथ साथ व्यवस्था को बेहतर बनाने की इस कोशिश में आम लोगों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।




