
मुंगेली में यूजीसी बिल के विरोध को लेकर स्वर्ण समाज में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। इसी कड़ी में स्वर्ण समाज के आह्वान पर एक विशाल मशाल रैली का आयोजन किया गया जिसमें समाज के वरिष्ठजनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। रैली के माध्यम से समाज ने सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।

यह मशाल रैली महाराणा प्रताप चौक पुराना बस स्टैंड होते हुए स्वर्ण स्तंभ तक निकाली गई। रैली के दौरान हाथों में मशाल और बैनर लिए प्रदर्शनकारी पूरे मार्ग में एकजुट नजर आए। समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग की। रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी बिल को समाज के हितों के विपरीत बताते हुए इसे काला कानून करार दिया।

इस मौके पर राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह परिहार ने तीखे शब्दों में यूजीसी बिल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बिल सामाजिक संतुलन, समान अवसर, शैक्षणिक न्याय और मूल्यों पर सीधा प्रहार है। ऐसे कानून से समाज में विभाजन बढ़ेगा जो देशहित में नहीं है।

आलोक सिंह परिहार ने आगे कहा कि स्वर्ण समाज इस प्रकार के अन्याय को कभी स्वीकार नहीं करेगा और लगातार इस बिल का पुरजोर विरोध करता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज अपनी एकजुटता के बल पर सरकार को यह संदेश देना चाहता है कि जनभावनाओं के विरुद्ध बनाए गए कानूनों का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

अंत में स्वर्ण समाज ने आपसी निर्णय के बाद घोषणा की कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में एकत्र होकर निकाली जायेगी। समाज के लोगों ने कहा कि जब तक यूजीसी बिल को वापस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।




