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यूनिटी अस्पताल से इलाज में लापरवाही करने का मामला आया सामने, मृत शरीर को वेंटिलेटर में रखकर वसूल रहा था पैसा, परिवारजन में आक्रोश।

गुरुवार की सुबह ईदगाह चौक से स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल भवन जाने वाले रास्ते के बीच स्थित यूनिटी अस्पताल से इलाज में घोर लापरवाही करने का मामला सामने आया। दरअसल मध्यप्रदेश अनुपपुर निवासी रमा शंकर त्रिपाठी को सड़क हादसे में घायल होने पर परिजन बीते 28 मई को यूनिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराए थे। यहां विभिन प्रकार के जांच के साथ मरीज का सर्जरी भी किया गया। इलाज के दौरान मरीज को किसी तरह की कोई राहत नही मिली ना ही उसके हालात में कोई सुधार नजर आया। वहीं मरीज बीती रात अचानक सीरियस हो गया और यूनिटी अस्पताल के लापरवाह चिकित्सको ने भी घायल रमा शंकर के परिजनों को जवाब दे दिया और संचालक ने कहा दिया कि मरीज को वेंटिलेटर में रखे है कोई सुधार नही हो रहा है इसे आप या तो घर ले जाइए या दूसरे अस्पताल ले जाइए। जब डिस्चार्ज पेपर बना तो उसमें लिखा था कि परिजन मरीज को अपने स्वेच्छा से लेकर जा रहे है, मरीज को कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार मरीज के परिजन होंगे।

डिस्चार्ज पेपर को पढ़ते ही मरीज के परिजन तैश में आ गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा करने लगे।मीडिया को जानकारी देते हुए रामाशंकर त्रिपाठी के परिजनों ने कहा कि घायल रमाशंकर की एक दिन पहले ही यूनिटी हॉस्पिटल में मौत हो चुकी थी। यूनिटी अस्पताल संचालकों की ओर से लूट और पैसा कमाने के नियत से मृतक को वेंटिलेटर में जबरिया रखा गया था।इस तरह विभिन्न जांच, सर्जरी और फिर मृत शव को जबरिया वेंटिलेटर में रखकर पूरी तरह से मृतक के परिजनों के साथ लूट खसोट करने के बाद और पूरा बिल चुकाने के बाद मृत शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। इस पर आपत्ति जताते हुए मृतक के परिजनों ने कहा कि इस तरह का घटिया अस्पताल और अस्पताल के गैर जिम्मेदार लापरवाह चिकित्सक उन्होंने पहली मर्तबा देखा है। परिजनों ने अपील किया कि भविष्य में इस तरह के अस्पतालों का चयन ना करे जहां जान बचने की कोई उम्मीद या गुंजाइश ही ना हो।

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