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रजत जयंती वर्ष में गुंजा किसान मेला, नवाचारों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती वर्षगांठ मना रहा है। 1 नवंबर 2025 को राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं, जिसके तहत पूरे प्रदेश में विभागीय स्तर पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कृषि विभाग बिलासपुर की ओर से कृषि विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी और विद्यार्थी शामिल हुए।

इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, फसल संरक्षण, जैविक खेती और बदलते जलवायु के अनुरूप खेती के तौर-तरीकों की जानकारी दी। विभाग ने अपनी 25 वर्षों की उपलब्धियों और किसानों के हित में किए गए नवाचारों का भी प्रदर्शन किया। किसान मेले का मुख्य आकर्षण रहा कृषि नवाचार प्रदर्शनी, जहां किसानों के लिए विकसित किए गए नये प्रयोग और मॉडल प्रस्तुत किए गए।

प्रदर्शनी में धान के बोरों से बनी सुंदर मालाओं ने सबका ध्यान खींचा, जबकि कुटकुट पालन का मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा जैविक खेती से जुड़े अनेक उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए, जिनमें सरकारी संस्थानों के साथ निजी कंपनियों ने भी भाग लिया। वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि जैविक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि कम लागत में अधिक लाभदायक उत्पादन भी देती है।

साथ ही किसानों को पर्यावरण संतुलित खेती अपनाने और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की सलाह दी गई।बिलासपुर में आयोजित यह किसान मेला रजत जयंती वर्ष का एक यादगार आयोजन बन गया। इस कार्यक्रम ने न केवल 25 वर्षों की उपलब्धियों को सम्मानित किया, बल्कि आने वाले समय में हरियाली और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।

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