
बिलासपुर- रतनपुर के बिकमा तालाब के पास स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना शिव मंदिर बीती रात अचानक ढह गया। यह मंदिर अत्यंत जीर्ण-शीर्ण स्थिति में था और स्थानीय लोग तालाब में स्नान के बाद यहां पूजा अर्चना करते थे। पूर्व में मंदिर की जर्जर स्थिति को लेकर पुरातत्व विभाग और महामाया मंदिर ट्रस्ट को जानकारी दी जा चुकी थी। जीर्णोद्धार की योजना भी बनाई जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही मंदिर गिर गया।सुबह नगर पालिका परिषद के एक कर्मचारी ने इसकी सूचना वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद मनोज पाटले को दी। जैसे ही यह खबर फैली, कुछ स्थानीय लोग जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने लगे। इस दौरान शिवलिंग दिखाई नहीं दिया, जिससे अफवाह फैल गई कि शिवलिंग चोरी हो गया है और जानबूझकर मंदिर को गिराया गया है। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।हालांकि, बाद में पार्षद मनोज पाटले स्वयं मौके पर पहुंचे और मलबे की गहन जांच करवाई। इस दौरान मंदिर के मलबे में ही शिवलिंग, जलहरी और नंदी जी सुरक्षित रूप से दबे हुए पाए गए। पार्षद ने स्पष्ट किया कि मंदिर की स्थिति बहुत खराब थी और वह प्राकृतिक रूप से ढह गया। किसी ने भी शिवलिंग चोरी नहीं किया है। मंदिर की पुनर्स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।मनोज पाटले ने मीडिया के एक वर्ग पर बिना पुख्ता जानकारी के अफवाह फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे लोगों में भ्रम और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल भिन्न थी।




