
छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति का प्रभाव एक बार फिर देखने को मिला है। सोमवार को 1 करोड़ के इनामी कुख्यात नक्सली रामधेन सहित कुल 12 नक्सलियों ने राजनंदगांव में डीजीपी के समक्ष हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सल संगठन के एक सेंट्रल कमेटी मेंबर, चार डीवीसीएम डिप्टी डिवीजन कमांडर और सात बड़े कैडर के नक्सली शामिल हैं।पुलिस विभाग के अनुसार लंबे समय से सक्रिय यह समूह कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है। शासन द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास अभियान और लगातार बढ़ते पुलिस दबाव के चलते नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। डीजीपी ने सभी surrendered नक्सलियों को शासन की सामाजिक पुनर्स्थापन योजना का लाभ दिलाने की बात कही है, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें।आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने कहा कि जंगलों में हिंसा और लगातार अपराधों से त्रस्त होकर उन्होंने हथियार छोड़ने का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि इन बड़े नक्सली चेहरों के सरेंडर से क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और शांति स्थापना को नई मजबूती मिलेगी।




