
बुधवार को जहां देशभर में राष्ट्रीय पेंशनर्स डे मनाया गया, वहीं बिलासपुर में पेंशनर्स अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरते नजर आए। फोरम ऑफ रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर छत्तीसगढ़ के बैनर तले बड़ी संख्या में पेंशनर्स कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपाज्ञापन के माध्यम से पेंशनर्स ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों की ओर ध्यान आकर्षित किया। पेंशनर्स का कहना है कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच समन्वय के अभाव में उन्हें मिलने वाला महंगाई भत्ता नियमित रूप से जारी नहीं हो पा रहा है। कई बार महीनों तक डीए अटका रहता है, जिससे पेंशनर्स को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि दोनों राज्यों के बीच समन्वय बैठक कर डीए का भुगतान बिना किसी रुकावट के हर माह सुनिश्चित किया जाए।इसके साथ ही ज्ञापन में आगामी आठवें वेतनमान को लेकर भी आपत्ति जताई गई। पेंशनर्स का कहना है कि आठवें वेतनमान में उन्हें पृथक किया जा रहा है, जबकि उनके लिए राशि पहले से निर्धारित है। ऐसे में पेंशनर्स को उनका वैधानिक हक दिया जाना चाहिए। पेंशनर्स ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।




