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रियासत कालीन बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण मुरिया दरबार का शनिवार को आयोजन शामिल होंगें भारत के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

75 दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक दशहरा के अंतिम महत्वपूर्ण पड़ाव, जिसमें पहली बार देश के गृहमंत्री शामिल होगे।रियासत कालीन ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार परंपरा रियासत काल से चली आ रही परंपरा है। इसके तहत रियासत काल में राजा का प्रजा से सीधा संवाद स्थापित करने का मंच होता था, जहां बस्तर के दूर दराज से आए आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि मांझी मुखिया चालकी पाईक नाईक परगहनिया एवं अन्य द्वारा दशहरा पर्व की समाप्ति पर मुरिया दरबार आयोजित की जाती रही। जो वर्तमान दौर मे भी जारी है। जिसमें आदिवासी समुदाय के लोग क्षेत्र की समस्याओं और अपने कष्टों को राजा के समक्ष प्रस्तुत करते थे। यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है।अब चूंकि प्रजातंत्र पर यह प्रथा और उस पर राज परिवार के सदस्य की उपस्थिति सांकेतिक मात्र है। वर्तमान दौर में मंत्रिमंडल की उपस्थिति से दरबार की सार्थकता बनी हुई है। परंतु इस बार शनिवार को होने वाले मुरिया दरबार में भारत के गृहमंत्री अमित शाह इस दरबार की शोभा बढायेंगे और क्षेत्र की जनता से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री एवं राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री उपस्थित होंगे।

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