
बिलासपुर से रवाना हुई मेमू लोकल ट्रेन शनिवार को एक बड़ी लापरवाही का शिकार हो गई। तय समय के अनुसार यह ट्रेन दोपहर 2 बजे कोरबा पहुंची और वहां से अपने अंतिम गंतव्य गेवरा रोड स्टेशन के लिए रवाना होनी थी। लेकिन कोरबा से चलने के बाद यह ट्रेन गेवरा रोड की बजाय सीधे कोयला खदान क्षेत्र स्थित जुमाडीह लोड साइडिंग पहुंच गई।चारों ओर कोयले के ढेर और मालगाड़ियों के बीच खुद को पाकर सैकड़ों यात्री दंग रह गए। यात्रियों को समझ ही नहीं आया कि ट्रेन आखिर उन्हें किस जगह लेकर आ गई है। करीब एक घंटे तक ट्रेन वहीं खड़ी रही, जिससे अफरातफरी की स्थिति बन गई।बताया जा रहा है कि लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर के निर्देशों के अनुसार ट्रेन चलाई थी। जब यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो तत्काल स्टेशन मास्टर द्वारा आदेश जारी कर ट्रेन को कोरबा वापस लाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद यात्रियों को कोरबा लाकर ट्रेन को खाली कर दिया गया।घटना के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रेन गलत ट्रैक पर कैसे पहुंची, लेकिन प्रारंभिक तौर पर सिग्नलिंग सिस्टम या स्टेशन मास्टर की गलती को वजह माना जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है।




