
बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय नागरिकों का महाधरना लगातार जारी है। यह धरना सांकेतिक और शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, लेकिन लोगों का आक्रोश साफ नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और गार्डन निर्माण के नाम पर की जा रही तोड़-फोड़ और स्थानांतरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। धरना स्थल पर लगाए गए बैनर में कहा गया है कि 10 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से राशि लेकर जिन स्थानों पर पट्टा दिया गया था, वहीं पर पुनः पट्टा वितरण किया जाए। लोगों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए घर और दुकानें तोड़ना अन्याय है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार सड़क पर आ गए हैं।प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी है कि पहले से विस्थापित गरीब परिवारों को नियमानुसार पट्टा दिया जाए और मास्टर प्लान के अनुरूप आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैनर में मार्च 2025 तक 150 से अधिक दुकानों और मकानों को तोड़े जाने की आशंका जताई गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। यह महाधरना प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सर्वदलीय विकास समिति लिंगियाडीह के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।धरने को समर्थन देने पहुंचे ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर केवल तोड़-फोड़ कर रही है। गरीब, मजदूर और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों को भी इस कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है। धरना स्थल पर पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि लिंगियाडीह में जो हो रहा है वह सुनियोजित अन्याय है। बिना चरणबद्ध और मानवीय योजना के बस्ती को उजाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर पूरी बस्ती को टूटने नहीं दिया जाएगा और यह लड़ाई जरूरत पड़ी तो सड़क से विधानसभा तक जाएगी। अहिरवार समाज के अध्यक्ष नोहर अहिरवार भी अपने पदाधिकारियों के साथ धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वे पिछले कई दशकों से इसी क्षेत्र में रह रहे हैं और कभी ऐसी परेशानी नहीं देखी। महंगाई, बढ़ते बिजली बिल और गैस सिलेंडर की कीमतों से पहले ही गरीब वर्ग परेशान है, अब घर उजाड़ने की कार्रवाई ने लोगों को पूरी तरह तोड़ दिया है। समाज ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। लिंगियाडीह के पार्षद दिलीप पाटिल ने बताया कि पिछले 23 दिनों से महिलाएं लगातार निःस्वार्थ भाव से धरने पर बैठी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नौ माह पहले बिना सूचना दिए नापजोख की गई और फिर धोखे से मोहल्ला खाली कराया गया। लोगों के परिवार बिखर गए, कर्ज लेकर जिनकी दुकानें चल रही थीं वे बेरोजगार हो गए। पार्षद ने कहा कि आशियाना उजाड़कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और गार्डन बनाना पूरी तरह गलत है। फिलहाल आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। क्षेत्रवासियों का यह भी आरोप है कि अब तक विधायक सुशांत शुक्ला की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लोगों की मांग है कि विधायक धरना स्थल पर पहुंचकर ठोस आश्वासन दें, तभी आंदोलन समाप्त होगा। संकेत हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में विधानसभा में भी गूंज सकता है।




