
लिंगियाडीह में पिछले कई दिनों से महिलाएं मकान तोड़े जाने के विरोध में लगातार आंदोलन कर रही हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में कई सामाजिक संगठन, स्थानीय लोग और समाज के विभिन्न पदाधिकारी भी आंदोलनकारियों के समर्थन में आगे आए हैं। बुधवार को आंदोलन को मजबूती तब मिली जब मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया स्वयं धरना स्थल पहुंचकर महिलाओं का समर्थन किया।विधायक लहरिया ने कहा कि यहां रहने वाले लोग कई वर्षों से इस स्थान को अपना घर बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं।

ऐसे में अचानक उन्हें उजाड़ देने का फैसला मानवीय दृष्टि से भी उचित नहीं दिखता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के लिए सरकार को जितनी भूमि की आवश्यकता थी, उतनी जमीन पहले ही ले ली गई है। इसके बाद भी मकान तोड़े जाने जैसी कार्रवाई लोगों को बेघर करने की दिशा में एक गलत कदम साबित होगी।विधायक ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाएंगे, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके और उनकी सुरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी उचित निर्णय लिया जा सके। आंदोलनकारी महिलाओं ने विधायक के इस समर्थन को अपनी लड़ाई की बड़ी ताकत बताया है।




