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विकसित भारत का निर्माण भारतीय सामाजिक संरचना के प्रत्येक ईकाई में मूलभूत सुधार से ही संभव है – प्रोफेसर मदन मोहन मालवीय

विकसित भारत का निर्माण भारतीय सामाजिक संरचना के प्रत्येक ईकाई में मूलभूत सुधार से ही संभव है – प्रोफेसर मदन मोहन मालवीय

गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में विशिष्ट व्याख्यान देने आये हुए पूर्व कुलपति एवं अर्थशास्त्री प्रोफेसर मदन मोहन गोयल से शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली जिला कोरबा के प्राचार्य डॉ पुष्पराज लाजरस और प्रोफेसर हर्ष पांडेय ने सौजन्य मुलाकात किया। इस मुलाकात में प्रोफेसर मदन मोहन मालवीय जी से नवीन शिक्षा नीति और केन्द्र सरकार के 2047 में विकसित भारत की कल्पना पर व्यापक चर्चा हुई। प्रोफेसर मदन मोहन मालवीय जी ने विकसित भारत के लिए भगवदगीता के नौवें अध्याय के बाईसवें स्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय समाज विविधता पूर्ण समाज है इसे विकसित बनाने के लिए नीडोनाक्मिस को समाज के सभी लोगों में शामिल करना होगा। समाज के अंतिम सदस्य को जब तक इस लक्ष्य में भागीदारी नहीं होगी तब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा। ज्ञात हो कि प्रोफेसर मदन मोहन गोयल जी दो वर्ष पहले नैक प्रियर टीम के अध्यक्ष के रूप में शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली जिला कोरबा में आयें हुए थें। प्राचार्य डॉ पुष्पराज लाजरस और प्रोफेसर हर्ष पांडेय ने अपने मुलाकात में महाविद्यालय को नैक के संदर्भ में प्रोफेसर गोयल से मार्गदर्शन भी लिया।

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