
बिलासपुर ज़िले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिंगराजपारा में अध्ययनरत कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों ने एक महत्वपूर्ण मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय का रुख किया। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया कि उनके विद्यालय में वर्तमान में केवल कक्षा दसवीं तक ही शिक्षा उपलब्ध है, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए अन्य स्कूलों की ओर रुख करना पड़ता है। विद्यार्थियों ने मांग की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई भी प्रारंभ की जाए। विद्यार्थियों ने बताया कि चिंगराजपारा विद्यालय में पूर्व से संचालित हिंदी माध्यम स्कूल के साथ-साथ अब स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल भी चालू हो चुका है, जिसमें कक्षा बारहवीं तक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि, हिंदी माध्यम में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को केवल दसवीं तक ही पढ़ाई करने का अवसर मिलता है। इस कारण कई छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। छात्रों का कहना है कि इस विद्यालय में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के अति निर्धन परिवारों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। उनके पास अन्यत्र जाकर पढ़ाई करने के सीमित संसाधन होते हैं। ऐसे में जब विद्यालय में पहले से ही पर्याप्त भवन, शिक्षक एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं, तो वहां कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई शुरू करना न केवल आवश्यक है, बल्कि व्यवहारिक भी है। विद्यार्थियों ने यह भी उल्लेख किया कि यदि विद्यालय में उच्च कक्षाएं प्रारंभ नहीं की गईं, तो कई होनहार छात्र-छात्राओं की शिक्षा अधूरी रह जाएगी, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि आगामी सत्र से ही विद्यार्थियों को उच्चतर माध्यमिक शिक्षा की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सके।




