
देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर इस बार भी रेलवे परिक्षेत्र में जबरदस्त भीड़ उमड़ने वाली है। हालांकि बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के कारण आयोजन की रौनक थोड़ी फीकी पड़ सकती है। परंपरा के अनुसार रेलवे के लगभग सभी विभागों में पंडाल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। गार्ड लॉबी और लोको पायलट कार्यालय के सामने सबसे बड़ा पंडाल आकार ले चुका है। वहीं टेलीकाम, मैकेनिकल, डीआरएम ऑफिस, इलेक्ट्रिकल और इंजीनियरिंग विभागों में भी मूर्ति स्थापना की तैयारी चल रही है।रेलवे स्टेशन परिसर में फिलहाल ठेकेदारों ने काम रोककर जगह को घेर रखा है,

जिसकी वजह से श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। फिर भी इस बार पंडाल तक पहुंचने के लिए टीन शेड को खोला जाएगा। इसके लिए रेलवे से परमिशन मिल चुकी है।गार्ड लॉबी के पास इस बार आर्केस्ट्रा जैसे कार्यक्रम नहीं होंगे। रेलवे ने इसकी अनुमति नहीं दी है। हालांकि लगातार दो दिनों तक भोग और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।पुनर्विकास कार्य की वजह से स्टेशन के आसपास का माहौल ठंडा पड़ने के बावजूद, रेल कर्मचारियों और श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। सभी विभागों में तैयारियां जोरों पर हैं और परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे क्षेत्र के साथ-साथ शहर के कई इलाकों में भी पंडाल सजने लगे हैं। ऐसे में देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर एक बार फिर से आस्था और श्रद्धा का संगम देखने को मिलेगा।




