
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर 12 जनवरी से 29 जनवरी तक देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और बिलासपुर जिले में भी मनरेगा बचाव अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी तहसील से लेकर पंचायत स्तर तक आंदोलन कर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए वीबी रामजी बिल की वास्तविकता ग्रामीण अंचलों में रहने वाले मजदूरों और ग्रामीणों तक पहुंचाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि यह बिल मनरेगा की मूल भावना के खिलाफ है और इससे ग्रामीणों को रोजगार से वंचित करने की साजिश की जा रही है।अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय में सभी जिला पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। वहीं बिलासपुर में 10 जनवरी को प्रेस वार्ता कर पूरे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अगले दिन 11 जनवरी को शहर के गांधी चौक में उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 12 जनवरी से पंचायत स्तर पर मनरेगा बचाव अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उन्हें इस बिल के प्रभावों के बारे में बताया जाएगा।बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए कहा कि यह नया बिल ग्रामीण मजदूरों को रोजगार से दूर करने वाला है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और हर मजदूर की आवाज बनेगी।




