
बिलासपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां ग्राम नेवरा के किसान ने क्षेत्र की नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला जमीन के समतलीकरण और खेती योग्य बनाने से जुड़ा हुआ है लेकिन अब यह विवाद आरोप-प्रत्यारोप और रिश्वत के आरोपों तक जा पहुंचा है।जानकारी के अनुसार संबंधित किसान अपनी निजी जमीन को खेती योग्य बनाने के उद्देश्य से गहरीकरण और समतलीकरण का कार्य करवा रहा था। जिसके लिए किसान ने नियमों के तहत खनिज विभाग से विधिवत अनुमति गई ली थी और पूरे वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं। किसान ने यह कार्य एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था जो खनिज विभाग की अनुमति के आधार पर काम कर रही थी।

किसान का आरोप है कि इसके बावजूद गनियारी क्षेत्र की नायब तहसीलदार श्रद्धा सिंह ने मौके पर पहुंचकर इस कार्य को अवैध बताते हुए काम रुकवा दिया। किसान का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक कागजात दिखाए लेकिन इसके बाद भी उनकी एक नहीं सुनी गई।इतना ही नहीं किसान और मौके पर मौजूद माइनिंग कार्य से जुड़े लोगों का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने खनिज विभाग द्वारा जारी माइनिंग पर्ची को भी अवैध बताते हुए जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से काम पूरी तरह ठप हो गया और किसान को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है किसान ने आरोप लगाया है कि पूरे मामले में उनसे अवैध रूप से रिश्वत की मांग की जा रही है। आरोपों से आक्रोशित किसान और माइनिंग कार्य से जुड़े लोग अपनी शिकायत लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।




