जशपुर जिले के बगीचा में रहने वाले व्यवसायी विपिन अग्रवाल 30 मार्च की सुबह पाम इन्क्लेव अपार्टमेंट के नीचे खून से लथपथ मिले थे। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें सिम्स में भर्ती कराया गया, बाद में उन्हें निजी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर स्वजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। इसके बाद पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में व्यवसायी दूसरे माले से कूदते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने सीसीटीवी का फुटेज जब्त कर लिया। पीएम के बाद शव स्वजनो को सौंप दिया गया।


इधर पुलिस ने व्यवसायी के दोस्तों अनिल कुमार अग्रवाल, हनिश कुमार देवांगन और नेहरू लाल यादव से पूछताछ की। इसमें पता चला कि विपिन अग्रवाल ने स्वप्निल शर्मा से एक लाख रुपये ओर जय प्रकाश तिवारी से पांच लाख लिए थे। इसके बाद वह देनदारी से बचने के लिए दिल्ली भाग गया था। दिल्ली से लौटने पर स्वप्निल और जय प्रकाश उसे लेकर पाम इन्क्लेव स्थित अपने फ्लैट में ले आए। यहां पर उन्होंने रुपये लौटाने के लिए विपिन पर दबाव बनाया। शुक्रवार की रात को उनका आपस में विवाद भी हुआ था। इसके बाद सुबह करीब पांच बजे विपिन ने अपार्टमेंट के दूसरे माले से छलांग लगा दी थी। जांच के बाद पुलिस ने स्वप्निल और जयप्रकाश के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है।





