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शनिवार को जिला प्रशासन के द्वारा प्राचार्य की बैठक हुई आयोजित दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश शाला प्रवेश उत्सव को लेकर दी गई जानकारी

बच्चे देखकर सीखते है, इसलिए स्कुल मे शिक्षकों का व्यवहार गरिमापूर्ण और सहयोगात्मक होना चाहिए. अधिकतम समय स्कुल मे रहने से बच्चे को संस्कार शिक्षक से मिलते है. कलेक्टर संजय अग्रवाल के विचारों को सभी प्रिंसिपल ने ध्यान से सुना. कार्यक्रम मे सवाल जवाब भी हुए. 16 जून से शाला प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा.इसकी तैयारियो पर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। स्कूल खुलने से पहले की तैयारियो और पढ़ाई लिखाई के दौरान किस तरह की सावधानियां बरती जाए उसके बारे में एक समीक्षा बैठक का आयोजन प्रार्थना सभा भवन में किया गया. बैठक मे मौजूद शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी और प्रिंसिपल को कलेक्टर संजय अग्रवाल के विचारों ने गहरे तक छू लिया. 16 जून से स्कुल फिर खुल जायेंगे. इसके लिए दिशा निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा शिक्षकों को आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए आप मे बच्चे अपना आइडियल तलाशते है। कोमल मन और कच्ची मिट्टी पर छाप अमिट पडती है इसलिए गरिमापूर्ण व्यवहार और सहयोग का भाव मिलने से स्कुल मे पढ़ने वाले बच्चे संस्कारवान बनेंगे।

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने बताया जिले के सभी सरकारी स्कूलों मे अब पर्याप्त शिक्षक है. निचली से बोर्ड कक्षाओं के रिजल्ट मे सामूहिक प्रयासों से सफलता मिली है इसे और बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा जिला प्रशासन के निर्देशन मे शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा विभाग मिलकर शिक्षणिक गुणवत्ता मे लगातार सुधार कर रहे है. स्कूलों के रख रखाव और जरुरी सामान खरीदने राशिअबंटीत करने की उन्होंने जानकारी दी। शाला प्रवेश उत्सव मनाने इसकी तैयारियो के लिए अधिकारियो ने प्रचार्यो को मार्गदर्शन दिया. नये प्रवेशी और अगली क्लास मे जाने वाले सभी तरह के विधार्थियो का स्वागत किया जाये. कार्यक्रम मे उदबोधन के बीच कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सवाल जवाब कर सभी प्रिंसिपल को कहने का अवसर दिया और उन्हें दायित्व बोध कराया. जिला पंचायत सीईओ संदीप अग़वाल जिला शिक्षा और समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारी समीक्षा बैठक मे उपस्थित रहे।

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