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शहर में स्मार्ट सिटी के प्रगतिशील कार्य की वजह से मूर्तिकारों का कार्य बाधित, दुकानों के लिए नहीं मिल रही स्थाई जगह।

जिले में बीते कुछ वर्षों से गणेश जी की प्रतिमाओं की डिमांड बढ़ गई है। जिस कारण अब मिट्टी के कारीगरों ने दुगनी स्पीड से गणेश जी की प्रतिमा बनाना शुरू कर दिया है। मूर्तिकारों ने बताया कि मूर्ति बनाने में इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले हमें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जिस तरह स्मार्ट सिटी के तहत काम चल रहा है। वहां हम मूर्तिकारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है और हमें हर जगह से हटा दिया जाता है। जिसकी वजह से हमें दुकान नहीं मिलता, ठेकेदारों द्वारा मनमानी तरीके से हमारे दुकान को हटाने का प्रयास किया जाता है। अपनी मांग को रखते हुए मूर्तिकारों ने कहा कि हमें भी व्यवस्थित ढंग से जगह मिलना चाहिए।

इसके साथ ही मूर्तिकार सुरेश कश्यप ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले प्रतिमाओं की वैरायटी बढ़ा दी गई हैं। साथ ही प्रतिमाओं के साइज भी बढ़ा दिए गए हैं। वैरायटी में परिवर्तन करते हुए इस बार मूषक, गरुड, मां पार्वती और राम भगवान की प्रतिमा के साथ गणेश जी की प्रतिमा को सजाया गया है। 2 फीट से शुरू होकर 8 फीट तक की मूर्तियां बनाई जा रही है। महंगाई बढ़ने की वजह से रेट में थोड़ी बढ़ोतरी इस साल देखने को मिलेगी। इसके साथ ही प्रतिमाओं को सजाने का तरीका भी कुछ इस वर्ष बदल गया है। हमेशा देखा जाता है की मिट्टी से ही पेंटिंग कर प्रतिमाओं को वस्त्र धारण करवाए जाते हैं। लेकिन इस वर्ष वस्त्र और आभूषण प्रतिमाओं को अलग से पहनाए जाएंगे। साथ ही इस वर्ष अधिक वैरायटी देखने को मिलेगी।

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