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Wednesday, April 1, 2026
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श्रद्धा, शौर्य और समानता का प्रकाश पर्व गोंड़पारा सेंट्रल गुरुद्वारा में गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

मंगलवार को सिखों के दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती के पावन अवसर पर बिलासपुर के गोंड़पारा स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का भव्य संगम देखने को मिला। गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर विशेष दीवान सजाया गया और गुरु ग्रंथ साहिब का विधिवत प्रकाश कर अरदास की गई, जिसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संगत गुरु घर की खुशियां प्राप्त करने पहुंची।

गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिख समाज को एक नई पहचान और दिशा दी। उन्होंने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सत्य और धर्म की रक्षा के लिए जीवन समर्पित करने का संदेश दिया। 1699 में खालसा पंथ की स्थापना कर उन्होंने जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त करते हुए समानता और भाईचारे की मिसाल पेश की।वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह का उद्घोष मानवता, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक बना।

प्रकाश पर्व के अवसर पर सेंट्रल गुरुद्वारा गोंड़पारा को भव्य रूप से सजाया गया। विशेष रूप से आमंत्रित दिल्ली से आए रागी जत्थों सहित स्थानीय हजूरी रागी भाई अनमोल सिंह जी, हेड ग्रंथि भाई ज्ञानी मोहन सिंह जी और भाई मनिंदर सिंह जी ने सुबह से ही शबद-कीर्तन की मधुर प्रस्तुति दी।

शबदों की गूंज से संगत भाव-विभोर होती रही और गुरु की शिक्षाओं को आत्मसात करने का संदेश मिला।गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को संत-सिपाही की परंपरा दी जहां एक ओर आध्यात्मिकता है, वहीं अन्याय के खिलाफ निर्भीक संघर्ष भी। उन्होंने अपने चार साहिबजादों का बलिदान देकर धर्म और सत्य की रक्षा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया।

साथ ही, गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु घोषित कर उन्होंने ज्ञान और वाणी को सर्वोपरि स्थान दिया, जिससे समाज को एकता के सूत्र में बांधा।गुरु पर्व के पावन अवसर पर गुरु घर का अटूट लंगर भी बरताया गया, जिसमें हजारों की संख्या में संगत ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। सेवा, समर्पण और समानता का यह दृश्य गुरु परंपरा की जीवंत तस्वीर पेश करता नजर आया।

शाम 7 बजे से देर रात तक विशेष दीवान में पंथ के महान कीर्तनीयों ने शबद-कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। इस पावन अवसर पर पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर नगर विधायक अमर अग्रवाल भी सेंट्रल गुरुद्वारा गोंड़पारा पहुंचे। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेश और शहर की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान गुरुद्वारा कमेटी की ओर से अमर अग्रवाल का विशेष सम्मान भी किया गया।

वहीं प्रदेश के जाने-माने व्यवसायी एवं जी न्यूज बिलासपुर के चेयरमैन मंजीत सिंह गुम्बर भी अपने परिवार के साथ गुरु घर पहुंचे। उन्होंने मत्था टेककर देश-प्रदेश में अमन, चैन और खुशहाली की प्रार्थना की। गुरुद्वारा कमेटी द्वारा उनका भी सम्मान किया गया, जिससे संगत में हर्ष का माहौल रहा।

गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताया कि गुरु परंपरा के अनुसार पूरे श्रद्धा भाव से विशेष दीवान, कीर्तन और लंगर का आयोजन किया गया। गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि साहस, सेवा, समानता और सत्य ही समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। शबद-कीर्तन की गूंज और संगत की एकजुटता के साथ श्रद्धालु गुरु गोबिंद सिंह जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर गुरु घर से लौटे।

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