
मुंगेली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां संपत्ति के लालच में सगे भाई ने ही अपने बड़े भाई की हत्या की साजिश रच डाली। थाना लालपुर क्षेत्र के ग्राम मनोहरपुर निवासी सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत 21 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिसके बाद उनकी मोटरसाइकिल सुनसान रास्ते पर मिलने से मामला और गंभीर हो गया।मामले की जांच में जुटी पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी मदद से त्रिनयन एप और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध हुंडई ईऑन कार मृतक का पीछा करती नजर आई। कार मालिक से पूछताछ के बाद जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया—हत्या के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक के अपने सगे भाई, भतीजे और परिजन ही मास्टरमाइंड निकले, जिन्होंने सुपारी देकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिलवाया।आरोपियों ने पहले पारिवारिक विवाद को हवा दी, फिर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की संपत्ति अपने नाम करवाई। 21 मार्च को दामोदर राजपूत की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और शव को पंडरिया के जंगल में दफना दिया गया। साजिश छिपाने के लिए मोबाइल को प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने 11 आरोपियों और 4 नाबालिगों को गिरफ्तार कर वाहन और 96 हजार रुपये की सुपारी राशि जब्त कर ली है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि लालच जब रिश्तों पर हावी होता है, तो खून के रिश्ते भी खून के प्यासे बन जाते हैं।




