
संसद के शून्यकाल में बीजेपी सांसद महेश कश्यप, विजय बघेल और बृजमोहन अग्रवाल ने बस्तर की आदिवासी बेटियों की सुरक्षा को लेकर जोरदार मुद्दा उठाया। महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर को जल, जंगल, जमीन से वंचित कर सात साल तक बंधक बनाकर रखा गया और माओवादी, गरीबी व अशिक्षा का लाभ उठाकर आज सेवा-शिक्षा-स्वास्थ्य की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी बेटियों को दूसरे राज्यों में ले जाकर धर्मांतरण और शारीरिक शोषण का शिकार बनाया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए विशेष कानून की जरूरत है।विजय बघेल ने दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों द्वारा बस्तर की आदिवासी बेटियों को आगरा ले जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के जिम्मेदार पदाधिकारी ननों के समर्थन में खड़े होकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मानव तस्करी और धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है और शांतिप्रिय छत्तीसगढ़ में अराजकता फैलाने की साजिश कर रही है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने तीखा बयान देते हुए पूछा कि केरल की ननों का छत्तीसगढ़ में क्या काम।उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दल सुनियोजित तरीके से आदिवासी क्षेत्रों में लालच, भय और प्रलोभन देकर धर्मांतरण करवा रहे हैं, जो देश की जनसंख्या संरचना और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि छत्तीसगढ़ को धर्मांतरण का अड्डा नहीं बनने देंगे।

बीजेपी सांसदों ने एक स्वर में मांग की कि आदिवासियों की आस्था, पहचान और सुरक्षा की रक्षा के लिए कठोर कार्रवाई और विशेष कानून बनाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक अस्तित्व की रक्षा के लिए है, और इसके लिए हर मंच पर संघर्ष जारी रहेगा।




