
बिलासपुर के सकरी स्थित जल संसाधन विभाग कार्यालय में बड़ी संख्या में फाइलों के नष्टिकरण का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यहां हजारों फाइलों को नष्ट किया जा रहा था। जिनमें बांगो परियोजना से संबंधित दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यह कार्रवाई शासन के आदेश के तहत की जा रही है।कर्मचारियों के मुताबिक नष्ट की जा रही फाइलों में 30 से 40 साल पुराने रिकॉर्ड शामिल हैं।

जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हटाया जा रहा है हालांकि मौके पर देखने पर कुछ ऐसी फाइलें भी सामने आईं जो वर्ष 2023 की प्रतीत हो रही थीं।One to one मीडिया द्वारा इस संबंध में पूछे गए सवालों पर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फाइलों का नष्टिकरण छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है

। उन्होंने बताया कि फाइलों को एक निश्चित अवधि तक सुरक्षित रखा जाता है जिसके बाद उनकी उपयोगिता समाप्त होने पर उन्हें नष्ट किया जाता है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि इस प्रक्रिया के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित की गई है।

यह समिति प्रत्येक फाइल की जांच और परीक्षण के बाद ही उसके नष्टिकरण की अनुमति देती है। ताकि किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज के गलती से नष्ट होने की संभावना न रहे।

इसके बावजूद, हाल ही की फाइलों के नष्टिकरण की आशंका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि क्या सभी फाइलों की सही तरीके से जांच की गई है या नहीं।




