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सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों की बेहिसाब कटाई, प्रकृति दिखा रहा अपना कहर. हर साल तापमान में वृद्धि।

शहर की सड़कों के किनारे लहराने वाले वृक्षों की सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बलि चढ़ा दी गई। इन्हीं वृक्षों के कारण शहर में हरियाली रहती थी। और गर्मियों में तापमान भी कम रहता था। लेकिन लगातार इनकी कटाई के बाद अब शहर में गर्मी बढ़ती जा रही है। लगातार बढ़ता तापमान दिन प्रतिदिन नया रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे में अब शहरवासी गर्मी और उमस से हलकान है। अब तापमान 43 से 44 डिग्री पर पहुंच रहा है। किसके कारण शहर वासी लू सहित अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों जिले में गर्मी अधिक पड़ रही है। बिलासपुर का तापमान हर साल 2 से 3 डिग्री बढ़ता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण शहरीकरण है। जिसके लिए हरे भरे पेड़ों को काट दिया जा रहा है।

पिछले 15- 20 वर्षों में बिलासपुर में घने पेड़ 73 प्रतिशत कम हो गया है। वहीं कृषि योग्य भूमि में 83 प्रतिशत कमी आई है. 1 दशक में 15 हजार से अधिक हरे भरे वृक्षों को काटा गया है। लेकिन इसके बदले आज तक पुनः हरियाली के लिए कोई कार्य नहीं किए गए। शहर में हरियाली लाने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत प्लानिंग की जा रही है। पिछली बार टेंडर निकालने के बाद भी पौधा रोपण का काम क्यों रुक गया, यह नहीं पता, शहर के कई जगहों पर सर्वाधिक हरे भरे पेड़ लहराते थे। लेकिन इनकी भी अंधाधुंध कटाई कर दी गई। इन्हें काट तो दिया लेकिन उनकी जगह जो नए पेड़ लगे उनका ध्यान ना तो प्रशासन दे रही ना ही निगम और ना ही वन विभाग। स्थिति यह हो गई है कि अब शहर की सड़कों पर सिर्फ गिने चुने ही पेड़ रह गए हैं। शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है जिसके तहत हरे-भरे वृक्षों को काटा जा रहा है। जिससे गर्मी में और बढ़ोतरी हो गई है।

बताया गया है कि वर्तमान में गर्मी के कारण पौधा रोपण नहीं किया जा रहा है। जून जुलाई में बारिश की शुरुआती दिनों में शहर के भीतर सड़कों के किनारे और डिवाइडर पर पौधारोपण का काम कर हरियाली लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।

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