
बिलासपुर नगर निगम की बजट बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया, जिसमें अपोलो अस्पताल से रपटा चिंगराजपारा मार्ग को 80 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव पास किया गया। इस निर्णय का मोहल्लेवासियों और क्षेत्रीय पार्षदों द्वारा जोरदार विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस चौड़ीकरण से सैकड़ों घर उजड़ जाएंगे और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। वार्ड के पार्षद ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिचरी रपटा से लेकर अपोलो हॉस्पिटल चौक तक के मार्ग को फिलहाल 60 फीट चौड़ा किया गया है। नगर निगम ने मानसी गेस्ट हाउस तक 60 फीट यानी रोड के सेंटर से दोनों ओर 30-30 फीट तक का अतिक्रमण तोड़ा है। अब अचानक 80 फीट रोड निर्माण का प्रस्ताव लाकर कई और मकानों को तोड़ने की योजना बनाई जा रही है, जिससे मोहल्लेवासी बेहद चिंतित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सड़क को 80 फीट चौड़ा किया गया तो उनके मकान, दुकानें और वर्षों पुराना निवास सब तबाह हो जाएगा।

वहीं पार्षद ने नगर निगम से मांग की है कि मानसी गेस्ट हाउस से शनिचरी रपटा तक सड़क को पूर्ववत 60 फीट ही चौड़ा किया जाए, जिससे लोगों का नुकसान न हो और विकास कार्य भी प्रभावित न हो। पार्षद और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास के नाम पर आम जनता को बेघर करना अन्यायपूर्ण है। बिना पर्याप्त पुनर्वास योजना के इस प्रकार के निर्णयों से जनता में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नगर निगम ने 80 फीट चौड़ीकरण की जिद नहीं छोड़ी, तो वे आंदोलन करेंगे। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस विरोध को कैसे सुलझाता है। क्या 60 फीट पर ही निर्माण को सीमित किया जाएगा या फिर 80 फीट चौड़ीकरण के निर्णय पर अड़े रहकर जनता की परेशानी को और बढ़ाया जाएगा। पार्षद और मोहल्लेवासियों की एकजुटता इस मुद्दे को जल्द ही एक बड़ा जन आंदोलन बना सकती है।




