
दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्र समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। यहां शिवनाथ नदी के किनारे करीब 5 से 6 एकड़ जमीन पर गुपचुप तरीके से अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।मामले की शुरुआत तब हुई जब समोदा गांव के सरपंच ने थाने में लिखित शिकायत देकर जानकारी दी कि गांव में एक बीजेपी नेता से जुड़ा व्यक्ति लंबे समय से अवैध अफीम की खेती करवा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार राजस्थान से आए एक किसान ने जमीन लीज पर लेकर खेती शुरू की थी और वही इसकी देखरेख कर रहा था। जिस क्षेत्र में अफीम की खेती मिली है उससे लगी करीब डेढ़ सौ एकड़ जमीन विनायक ताम्रकार की बताई जा रही है।

पुलिस इस पूरे मामले में उनसे भी पूछताछ कर रही है, हालांकि जांच अभी जारी है।मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने खेतों की जांच की तो अफीम के पौधों पर साफ-साफ चीरे लगे मिले, जिससे मादक पदार्थ निकाले जाने की पुष्टि हुई। एफएसएल की केमिकल जांच में पौधों में मार्फिन कंपाउंड पाए जाने की भी पुष्टि हुई है, जो हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों का आधार माना जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की खेती देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।इस पूरे मामले के सामने आने के बाद रायपुर में भी सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। विनायक ताम्रकार किसान मोर्चा में राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक बताए जा रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने अनुशासनहीनता के आरोप में यह कार्रवाई की है। वहीं पुलिस ड्रोन की मदद से पूरे इलाके का सर्वे कर रही है और अवैध फसल को जब्त कर नष्ट करने की कार्रवाई जारी है।




