
बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी एक बार फिर राजनीतिक विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला सीधे-सीधे शासकीय ज़मीन पर कब्जे और अवैध ईंट भट्ठा संचालन से जुड़ा है। कांग्रेस पार्षद दल ने मोर्चा खोलते हुए महापौर पर संगीन आरोप लगाए हैं। कांग्रेस पार्षद दल का दावा है कि महापौर पूजा विधानी और उनके पति अशोक विधानी पिछले कई वर्षों से मोपका और बूटा पारा देवरीखुर्द इलाके में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से ईंट भट्ठा चला रहे हैं। जबकि उनके पास निजी भूमि भी है, इसके बावजूद सरकारी जमीन पर कब्जा कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

पार्षदों के मुताबिक यह पूरा मामला प्रशासनिक मिलीभगत का है। राजस्व विभाग की चुप्पी और नजरअंदाजी ने संदेह को और गहरा कर दिया है। हाल ही में इस विषय पर समाचार पत्रों में भी रिपोर्ट छपी थी, जिसमें अवैध ईंट भट्ठे का संचालन स्पष्ट रूप से सामने आया था।विपक्ष का आरोप है कि नगर निगम की पहली नागरिक होने के बावजूद पूजा विधानी नियमों को ताक पर रखकर खुद ही कानून तोड़ रही हैं। इससे एक गलत संदेश समाज और शहर के नागरिकों में जा रहा है, जहां जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष भारत कश्यप ने कहा कि यह मामला सिर्फ सत्ता के दुरुपयोग का नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की बेशर्म लूट का है।

वहीं ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि हकीकत सामने आ सके। कांग्रेस पार्षद दल ने यह भी मांग की है कि सिर्फ महापौर और उनके परिवार पर ही नहीं,बल्कि इस अवैध गतिविधि में संलिप्त राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को यह तय करना होगा कि वह भ्रष्टाचारियों के साथ है या सच के साथ,,फिलहाल महापौर पूजा विधानी की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।लेकिन शहर की सियासत में यह मुद्दा अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है,और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिल सकता है।




