
नई दिल्ली में सरगुजा की उम्मीदों को आवाज देते हुए सांसद चिंतामणि महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्षेत्र के विकास और संभावनाओं को लेकर गंभीर चर्चा का माध्यम बनी।सांसद ने पारंपरिक मक्के की लावा से बनी माला पहनाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया और अंबिकापुर (दरिमा) से शुरू हुई हवाई सेवा के लिए आभार जताया। उन्होंने इसे सरगुजा के लिए “नई उड़ान” करार देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र देश के बड़े शहरों से सीधे जुड़ गया है।मुलाकात में उन्होंने बताया कि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों के बाद यह हवाई सेवा संभव हो पाई है, जिससे अब व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने इसे विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया।चिंतामणि महाराज ने सरगुजा के पर्यटन को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने की बात उठाई। उन्होंने मैनपाट जैसे प्राकृतिक स्थलों के विकास और ब्रांडिंग के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा, ताकि यहां निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ में शासकीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि इस दिशा में कदम उठाने से न केवल भाषा का संरक्षण होगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी इससे जोड़ने का अवसर मिलेगा।सांसद ने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता सरगुजा के समग्र विकास को नई दिशा देना है। इस मुलाकात को क्षेत्र के भविष्य के लिए अहम कदम माना जा रहा है, जिससे विकास की नई राहें खुलने की उम्मीद है।




