
डिजिटल दौर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने साइबर सतर्क अभियान की शुरुआत की है। बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित एसबीआई प्रशासनिक कार्यालय भवन में इस अभियान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में एसबीआई बिलासपुर के उप महाप्रबंधक आलोक रंजन और क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश सोनी ने एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल और एसीसीयू प्रभारी अनुज सिंह के साथ मंच साझा किया। इस मौके पर नुक्कड़ नाटक के जरिये कलाकारों ने साइबर फ्रॉड से बचाव का संदेश दिया।

नाटक के माध्यम से बताया गया कि ठग कभी बैंक अधिकारी तो कभी पुलिस बनकर लोगों को झांसे में लेते हैं और ऑनलाइन ठगी करते हैं। दर्शकों को सतर्क करते हुए यह भी कहा गया कि ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर 1930 पर डायल कर मदद लेनी चाहिए।कलाकारों ने कहा कि तकनीकी दौर में डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ जागरूकता की कमी और लालच के चलते लोग ठगी का शिकार बन जाते हैं। इसलिए खुद को और परिवार को जागरूक रखना बेहद जरूरी है।इस अवसर पर एसबीआई के साइबर जागरूकता वाहन को भी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

यह वाहन शहर से गांव तक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग करेगा और उन्हें समझाएगा कि बैंक अकाउंट नंबर, पासवर्ड या ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।उप महाप्रबंधक आलोक रंजन और एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि ग्राहक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस अभियान का उद्देश्य हर नागरिक को साइबर सतर्क बनाना है ताकि डिजिटल युग में लोग सुरक्षित लेन-देन कर सकें। साइबर सतर्क अभियान के जरिए एसबीआई और पुलिस प्रशासन का मकसद यही है कि कोई भी नागरिक ऑनलाइन ठगी का शिकार न बने। यदि लोग सजग और जागरूक रहेंगे, तो ठगों की चालें काम नहीं आएंगी और डिजिटल इंडिया वास्तव में सुरक्षित बनेगा।




