
कोहरे की आड़ में यात्री ट्रेनों को लंबी अवधि तक रद्द करने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में सारनाथ एक्सप्रेस को 66 दिन तक बंद रखने के फैसले ने यात्रियों की यात्रा योजनाएँ बिगाड़ दी हैं। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने इस निर्णय को एकतरफा बताते हुए रेल मंत्री को पत्र लिखकर ट्रेन को तुरंत नियमित करने की मांग उठाई है।वीओ– अटल श्रीवास्तव का कहना है कि हर साल कोहरे के नाम पर रेलवे की पहली कुर्बानी यात्री ट्रेनों को ही दी जाती है, जबकि मालगाड़ियाँ सामान्य रफ्तार से चलती रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया—क्या कोहरा सिर्फ यात्री ट्रेनों पर ही उतरता है? और यदि नहीं, तो फिर यात्रियों को ही क्यों परेशान किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि सारनाथ एक्सप्रेस छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली बेहद महत्वपूर्ण ट्रेन है, जिसे बंद करने से हजारों नियमित यात्रियों का सफर प्रभावित हो रहा है। बिलासपुर से प्रयागराज की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रबंधन ने कोहरे का हवाला देते हुए देशभर में 247 यात्री ट्रेनों को 50 से 90 दिनों तक रद्द कर दिया है, जिससे करोड़ों लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि यह समाधान नहीं, बल्कि यात्रियों की समस्याएं बढ़ाने वाला निर्णय है।बाइट – अटल श्रीवास्तव,,विधायक, कोटावीओ– अटल श्रीवास्तव ने साफ कहा कि यदि मालगाड़ियाँ सुरक्षित चल सकती हैं, तो जरूरी यात्री ट्रेनों को बंद रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने मांग की है कि यात्रियों की सुविधा, भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि यात्रा करने वालों को राहत मिल सके।




