
मदुरई में 4 से 7 दिसंबर तक आयोजित वर्ल्ड रेज़्यूस्किटेशन कांग्रेस–2025 में सिम्स बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति द्वारा प्रस्तुत शोध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना। सम्मेलन में 40 देशों के 4000 विशेषज्ञों ने भाग लिया। डॉ. मधुमिता द्वारा प्रि-इक्लेम्पसिया-इक्लेम्पसिया पर प्रस्तुत अध्ययन में बताया गया कि सिम्स में वर्ष 2025 में इलाज के बाद 95% मरीज सुरक्षित स्वस्थ हुईं। वहीं डॉ. रमणेश मूर्ति के माइक्रोबीओटा पर शोध को विशेष सराहना मिली, जिसमें पुनर्जीवन के दौरान माइक्रोबायोटा की भूमिका और भविष्य में प्रोबायोटिक्स तथा एफएमटी जैसे संभावित उपचार विकल्पों पर चर्चा हुई। दोनों विशेषज्ञों ने इसे सिम्स और राज्य के चिकित्सा शोध क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।




