
सिम्स बिलासपुर ने जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए लिवर में मौजूद 10 सेंटीमीटर के हाइडेटिड सिस्ट को दूरबीन तकनीक से सफलतापूर्वक निकाल दिया। मुंगेली की 20 वर्षीय तीजन नेताम पेट में भारीपन और भूख कम लगने की शिकायत पर सिम्स पहुंची थी। सोनोग्राफी व सीटी स्कैन में सिस्ट की पुष्टि के बाद विशेषज्ञ टीम ने इसे लैप्रोस्कोपी पद्धति से सुरक्षित रूप से हटाने का निर्णय लिया। यह सिम्स में इस तरह की पाँचवीं सफल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी है।सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. राज के नेतृत्व में डॉक्टरों और सपोर्ट स्टाफ की टीम ने बिना किसी जटिलता के ऑपरेशन पूरा किया। लैप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण कम चीरा लगा, रक्तस्राव नगण्य रहा और मरीज तेजी से स्वस्थ हो रही है। हाइडेटिड सिस्ट एक परजीवी संक्रमण है, जो दूषित पानी, भोजन और कुत्तों-भेड़ों के संपर्क से फैलता है। पेट दर्द, भारीपन और भूख कम लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों ने स्वच्छ पानी, साफ भोजन तथा कृमिनाशक दवाओं के सेवन से इस रोग से बचाव की सलाह दी है।




